अंडा-चिकन की दुकान पर रोक नहीं, केवल अवैध बूचड़खानों पर ही कार्रवाई-यूपी सरकार

लखनऊ : यूपी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने साफ किया है कि यूपी के किसी भी शहर में अंडा या चिकन बेचनेवालों पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है। सरकार केवल अवैध बूचड़खानों को बंद कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा जिन बूचड़खानों के पास लाइसेंस है उन्हें डरने की जरुरत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया की तरफ से फैलाए जा रहे भ्रम पर विश्वास न करें।

वहीं दूसरी तरफ अवैध बूचड़खानों के समर्थन में यूपी के मीट कारोबारी बेमियादी हड़ताल पर जा रहे हैं। उनके इस हड़ताल में मछली कारोबारी भी शामिल हो सकते हैं। लखनऊ बकरा गोश्त व्यापार मंडल के सदस्य ने कहा हमने हड़ताल को तेज करने का फैसला किया है। हमारा साथ देने के लिए मछली कारोबारी भी साथ आ रहे हैं। ये हड़ताल जल्द खत्म नहीं होगी, हड़ताल बेमियादी होगी।

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वहीं मीट की सप्लाई ना के बराबर होने की वजह से लखनऊ का टुंडे कबाबी रविवार को भी बंद रहा। दुकान के मालिक उस्मान के मुताबिक उनके दादा ने यह खास कबाब बनाना शुरु किया था। लेकिन अब मीट और बीफ सप्लाई नहीं होने की वजह से इसे बंद करना पड़ा।

सूत्र के मुताबिक यूपी में 400 बूचड़खाने हैं। इनके बंद होने से 11 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है। स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक यूपी में 185 बूचड़खाने हैं। इनमें से केवल 45 के पास ही लाइसेंस हैं। 140 बूचड़खाने बिना लाइसेंस के चल रहे हैं। सरकार की तरफ से इन्हीं अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की जा रही है।

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