सोशल मीडिया पर अधिकारी नहीं कर सकेंगे सरकार की बुराई, किया तो होगी कार्रवाई !

केंद्र सरकार अब अधिकारियों की बयानबाजी पर नकेल कसने की तैयारी में है। इसके लिए इंडियन सर्विस (कंडक्ट) रुल्स 1968 में एक नया नोट जोड़ने का प्रस्ताव है। जिसके तहत सेवा में रहते हुए अधिकारियों को सोशल मीडिया, टीवी समेत दूसरे कम्यूनिकेशन ऐप पर किसी ऐसी टिप्पणी करने की मनाही होगी जिससे सरकार की छवि खराब हो रही हो।

अबतक सरकारी अधिकारियों के लिए टिवी, रेडियो, पब्लिक मीडिया, किसी दस्तावेज या मीडिया को दिये संबोधन में सरकार की बुराई करने की मनाही थी। लेकिन आनेवाले दिनों मे इसमें सोशल मीडिया को भी जोड़ने का प्रस्ताव किया जा रहा है। डॉक्यूमेंट में कैरिकेचर भी शामिल होगा।

नियम के मुताबिक अगर किसी अधिकारी के बयान से केंद्र या राज्य सरकार की मौजूदा नीती की आलोचना होती हो, केंद्र का राज्य सरकारों या किसी दूसरे देशों के साथ संबंध पर बुरा असर पड़ता हो तो ऐसे बयान को सरकार की आलोचना मानी जाती है। नए नियम के बाद सोशल मीडिया पर अधिकारियों को आने से पहले सरकार से इजाजत लेनी होगी।

कंडक्ट रुल में एक और बदलाव किये जाने का प्रस्ताव है। जिसके तहत अधिकारियों को अपनी दो महीने के बेसिक पे के दोगुने से ज्यादा कीमत के सामान खरीदने की जानकारी सरकार को देनी होगी। इससे पहले अधिकारी को हर गाड़ी, फ्रीज, रेडियो, टीवी या घोड़ा खरीदने पर सरकार को जानकारी देनी होती थी।

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