अब्दुल कयूम का कबूलनामा, पाकिस्तान में मिली आतंकी ट्रेनिंग

दिल्ली: जम्मू कश्मीर में अखनूर बॉर्डर के पास से गिरप्तार आतंकी अब्दुल कयूम ने बीएसएफ की पूछताछ में चौंकानेवाले खुलासे किये हैं। उसने कबूल किया है कि पाकिस्तान में उसे आर्मी ट्रेनिंग मिली। कयूम ने माना कि उसे पाकिस्तान में आर्मी ट्रेनिंग दी गई है। उसने लश्कर के लिए फंड जुटाने की बात भी कबूल की। अपने कबूलनामे में अब्दुल ने कहा कि उसने लश्कर के लिए 50 लाख का फंड जुटाया था। आतंकी अब्दुल कयूम जितने खुलासे कर रहा है पाकिस्तान उतना बेनकाब हो रहा है।

30 साल के कयूम को बीएसएफ ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। उसके साथ चार और साथी भी थे। लेकिन फेंसिंग के पास अलार्म बजने के बाद उसके चारो साथी भगाने में कामयाब हो गए। जबकि एक आतंकी कयूम को बिजली का करंट लग गया। जिससे वो बेहोश हो गया। जिसके बाद उसका इलाज कराया गया और अब उससे पूछताछ हो रही है।

पूछताछ में कयूम ने बताया वो पाकिस्तान के सियालकोट का रहनेवाला है। शेखुपुरा जिले के मुरीदके में उसकी ट्रेनिंग हुई है। दरअसल जमात-उद-दावा का ट्रेनिंग हेडक्वार्टर मुरीदके में ही है। कयूम लश्कर के लिए प्रचार भी करता था। उसने दावा किया कि आतंकी सरगना हाफिज सईद और सैयद सलाउद्दीन को भी जानता है। पूछताछ में उसने बताया कि कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को भी जानता है। कयूम को 2004 में पाकिस्तान में आर्मी ट्रेनिंग दी गई थी।

अब्दुल कयूम का कबूलनामा पाकिस्तान के गाल पर एक और तमाचा है। कयूम पाकिस्तान के खिलाफ वो सबूत है जिसके सामने पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हुआ है। जिस तरह के खुलासे कयूम ने किये हैं उससे एक बार फिर जग जाहिर हो गया कि पाकिस्तान आतंकी की फैक्ट्री चला रहा है। और उस फैक्ट्री को चलाने में आतंकी तो शामिल हैं ही लेकिन पाकिस्तानी सेना भी मदद कर रही है।

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