अरुषी मर्डर केस में तलवार दंपत्ति इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी किये गए

नई दिल्ली:  आरुषी मर्डर केस में आरुषी के माता-पिता राजेश तलवार और नूपुर तलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। नीचली अदालत ने तलवार दंपत्ति को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। जिसके बाद तलवार दंपत्ति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ति की अपील मंजूर कर ली है। साथ ही उम्र कैद की सजा को भी खारिज कर दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब तलवार दंपत्ति के ऊपर से एक बड़ा कलंक भी धुल गया है। उनपर जो आरोप लगा था कि उन्होंने ही अपनी बेटी की हत्या की थी। अब उस आरोप से वो बरी हो गए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ना तो इनके खिलाफ कोई सबूत पेश किये गए हैं और ना ही सीबीआई को अबतक आरुषी मर्डर केस में राजेश तलवार और नूपुर तलवार के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत है।

नीचली अदालत ने नवंबर 2013 में तलवार दंपत्ति को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से दोनों गाजियाबाद के डासना जेल में बंद हैं। बताया जा रहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद आरुषी के माता-पिता काफी भावुक हो गए। तलवार दंपत्ति के लि ये बड़ी राहत इसलिए है क्योंकि इसमें एक तरफ जहां अदालत ने उन्हें बेटी की हत्या के आरोप से बरी कर दिया वहीं दूसरी तरफ नीचली अदालत के फैसले को भी निरस्त कर दिया।

इस मामले में सीबीआई की तरफ से जो भी दलील इलाहाबाद हाईकोर्ट में रखी गई उसे कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट में सीबीआई की दलील थी कि घर में चार लोग ही मौजूद थे। जिनमें से दो कि हत्या हो गई थी। और घर का दरवाजा अंदर से बंद था। लेकिन सीबीआई वो सर्जिकल ब्लेड या चाकू बरामद नहीं कर पाई थी जिससे आरुषी और हेमराज का कत्ल किया गया था। सीबीआई की इस दलील पर कोर्ट ने कहा कि केवल इसलिए इन्हें कातिल नहीं माना जा सकता है कि घर में चार लोग थे और उनमें से दो की हत्या हो गई। इसलिए जो जिंदा हैं वो कातिल हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर ये सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर आरुषी को किसने मारा। क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि तलवार दंपत्ति ने अपनी बेटी की हत्या नहीं की है। आरुषी की हत्या 2008 में हुई थी।

Loading...

Leave a Reply