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केजरीवाल ही नहीं मोदी भी विज्ञापन पर अरबों खर्च करते हैं

केजरीवाल ही नहीं मोदी भी विज्ञापन पर अरबों खर्च करते हैं

  • केजरीवाल ही नहीं मोदी भी विज्ञापन पर अरबों खर्च करते हैं

सरकारी पैसे से सरकारी विज्ञापन के मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को बीजेपी ने काफी बदनाम किया। खासकर दिल्ली बीजेपी के नेता तो केजरीवाल के पीछे ही पड़ गए। लेकिन सरकारी योजनाओं के विज्ञापन के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या यूं कहें केंद्र सरकार भी पीछे नहीं है।
केंद्र सरकार ने पिछले दो सालों में सरकारी विज्ञापन पर 600 करोड़ खर्च किये। इनमें से 2014-15 में 256 करोड़ रुपया खर्च किया गया। जबकि साल 2015-16 में 250 करोड़ रुपया खर्च किया गया। सूचना और प्रसार मंत्रालय के तहत आने वाले डीएवीपी ने सबसे ज्यादा खर्च स्वच्छ भारत मिशन पर किया। इन दो सालों में स्वच्छ भारत मिशन पर 505 करोड़ खर्च किये गए। जबकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना पर 62.4 करोड़ खर्च किया गया। इसी तरह से दूसरी सरकारी योजनाओं जैसे स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, इंद्रधनुष, मुद्रा, पीएम फसल बीमा योजना पर भी विज्ञापन के रकम खर्च किये गए।
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केंद्र सरकार के विज्ञापन पर किये गए इस खर्च के बाद आम आदमी पार्टी ये सवाल जरुर पूछ सकती है कि अगर हमने विज्ञापन पर खर्च किये तो मोदी भी तो पीछे नहीं हैं। वो मंजर तो सभी को याद होगा जब ऑड इवन पार्ट 2 के दौरान दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री गोपाल राय बीजेपी नेता विजय गोयल के घर ये अपील करने गए थे कि वो ऑड इवन का विरोध न करें। लेकिन गोयल ने टका सा जवाब दिया था कि पहले दिल्ली सरकार विज्ञापन पर किये जाने वाले खर्च को बंद करे फिर हम अपना विरोध वापस लेंगे। जिसके बाद विजय गोयल ने अपना चालान भी कटवाया था।
एक सवाल ये भी बनता है कि जिस स्वच्छ भारत मिशन के प्रचार प्रसार पर केंद्र ने 5 अरब रुपया खर्च किया उसका नतीजा क्या हुआ। विरोधी स्वच्छ भारत मिशन पर मोदी सरकार पर ये कहकर निशाना साधते रहे हैं कि केंद्र सरकार की ये योजना केवल फोटो अपॉर्चूनिटी बनकर रह गई। ना तो सड़कें साफ हुईं, न मोहल्ला का कूड़ा खत्म हुआ और ना ही नाले की कीचड़ खत्म हुई। फिर विज्ञापन पर खर्च किये गए भारी भरकम रकम किस काम का साबित हुआ।

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