झटके पे झटका: दिल्ली हाईकोर्ट से भी AAP विधायकों को राहत नहीं

नई दिल्ली:  चार घंटे के भीतर आम आदमी पार्टी को दूसरा झटका लगा। हाईकोर्ट ने भी AAP विधायकों को कोई राहत नहीं दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि आपकी दलीलों को सुनने के बाद आप को किसी तरह की फौरी राहत नहीं दी जा सकती है। AAP के विधायकों की तरफ से मांग की गई थी कि चुनाव आयोग की तरफ से राष्ट्रपति के पास जो सिफारिश भेजी है उसपर रोक लगाई जाए। लेकिन कोर्ट ने चुनाव आयोग के उस सिफारिश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अब इस मामले पर सोमवार को अगली सुनवाई होगी।

हाईकोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। जिसमें उनसे पूछा गया है कि AAP के विधायकों को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिला। दरअसल AAP विधायकों की तरफ से हाईकोर्ट में दलील दी गई थी कि चुनाव आयोग ने उनकी बात नहीं सुनी। दिल्ली हाईकोर्ट ने AAP विधायकों को कड़ी फटकार भी लगाई।

AAP की इस दलील पर हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि बार बार चुनाव आयोग के बुलाने पर भी आप आयोग नहीं गए तो वो क्या करें? हाईकोर्ट ने कहा आप अपनी मर्जी से तय करते हैं कि कब चुनाव आयोग जाना है और कब नहीं जाना है। चुनाव आयोग आपको बार बार कहता रहा कि आप अपना जवाब दाखिल करें। हाईकोर्ट ने AAP के वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि आपको कोर्ट ने कोई स्टे नहीं दिया है फिर भी आपने चुनाव आयोग से कहा कि हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। क्या ये सही है?  क्या हाईकोर्ट ने रोक लगाई थी? हाईकोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई थी।

हाईकोर्ट ने कोर्ट में मौजूद आम आदमी पार्टी के विधायकों को फटकार लगाते हुए कहा आपके फैसले को चुनाव आयोग ने पहले असंवैधानिक बताया था। चुनाव आयोग के नोटिस के बाद भी आपने जवाब नहीं दिया। आप चुनाव आयोग के संपर्क में क्यों नहीं थे। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी तक के तथ्यों को देखकर नहीं लगता कि आपको किसी तरह की राहत दी जानी चाहिए। वक्त रहते आप चुनाव आयोग क्यों नहीं गए। बुलाने पर भी अगर आप लोग चुनाव आयोग नहीं गए तो फैसले के लिए आयोग स्वतंत्र है।

10 मिनट के ब्रेक के बाद सुनवाई शुरु हुई तो AAP के वकील का जवाब था कि अभी वक्त हो गया है, चुनाव आयोग के दफ्तर में कोई नहीं है।इसलिए जानकरी नहीं मिल पाई।

कोर्ट ने सवाल किया 2 नवंबर को चिुनाव आयोग ने नोटिस दिया था तब आपने कोई जवाब दिया?

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