AAP में हो रहा है बिखराव, 30 विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी!

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता का ग्राफ जितनी तेजी से ऊपर चढ़ा था अब उसी रफ्तार से ढलान की तरफ बढ़ रहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं को पार्टी के भीतर असंतोष अपने चरम पर पहुंच चुका है। जिस स्तर पर पार्टी में असंतोष पहुंचा है उसके बाद पार्टी में बिखराव से इनकार नहीं किया जा सकता है।

हाल ही में दिल्ली के बवाना से आम आदमी पार्टी के विधायक रहे वेद प्रकाश ने AAP को छोड़कर बीजेपी को अपना लिया। पार्टी परिवर्तन के वक्त वेद प्रकाश ने भी इस बात की तरफ इशारा कर दिया था कि आम आदमी पार्टी के तकरीबन 30 विधायक ऐसे हैं जो पार्टी से नाराज चल रह हैं। ये पहली बार है जब AAP से एक साथ इतनी बड़ी तादाद में पार्टी के नेता नाराज हुए हैं।

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क्योंकि अबतक एक वक्त में एक या दो लोगों की नाराजगी की बात सामने आती रही थी। लेकिन इसबार जो तादाद बताई जा रही है उसने पहले के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये। अगर ये नाराजगी और बढ़ती है तो इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि पार्टी भी टूट की कगार पर पहुंच सकती है।
वैसे हाल के दिनों में AAP के चार विधायकों को लेकर सियासी चर्चा काफी गर्म है। इन विधायकों के बारे में कहा जा रहा है कि ये कांग्रेस के संपर्क में हैं। कांग्रेस के सीनियर नेताओं के साथ इनकी बैठक भी हो चुकी है। उन विधायकों ने कांग्रेस को AAP के उन 30 विधायकों के समर्थन का भरोसा भी दिया है जो नाराज चल रहे हैं।

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लेकिन AAP के इन सभी असंतुष्टों को अपनाने को लेकर काग्रेस के भीतर एक मत नहीं है। बाताया जा रहा है पार्टी की दिल्ली इकाई को इसपर कुछ आपत्ति है। लेकिन इस बारे में खुलकर कोई बात नहीं करना चाह रहा। ना ही दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन कुछ बता रहे हैं और ना ही पाला बदलने के लिए तैयार बैठे AAP के विधायक।

दल बदल और असंतोष को लेकर भले ही AAP के विधायकों ने चुप्पी साध रखी हो लेकिन इस खामोशी में असंतोष के जिस बीज की बुवाई की जा चुकी है अब उससे पौधे निकलने लगे हैं। सच्चाई ये है कि बीज को तो मिट्टी में दबाकर छिपाया जा सकता है लेकिन जब बीज पौधे का रुप ले लेता है उसे लोगों की निगाहों से छिपाया नहीं जा सकता है। यही हाल AAP के भीतर फैले उस असंतोष का भी है। जिसे अब बाहरवाले भी देख और समझ रहे हैं।

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