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AAP के 21 विधायकों पर संकट, लाभ के पद पर सुनवाई रोकने वाली याचिका EC में खारिज

AAP के 21 विधायकों पर संकट, लाभ के पद पर सुनवाई रोकने वाली याचिका EC में खारिज

नई दिल्ली:  संसदीय सचिव बनाए जाने के मामले में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों की मुश्किल बढ़ गई है। विधायकों की तरफ से चुनाव आयोग ने लाभ के पद के मामले में सुनवाई रोकने वाली याचिका को रद्द कर दिया है। चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि 21 विधायक संसदीय सचिव हैं जो कि लाभ का पद है इसलिए केस को रद्द नहीं किया जा सकता है।

इससे पहले हाईकोर्ट भी 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने के मामले में उस नियुक्ति को अवैध करार दे चुका है। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से कहा था कि चुकी हाईकोर्ट ने संसदीय सचिव के पद को असंवैधानिक करार दे दिया है इसलिए अब इस मामले में सुनवाई नहीं होनी चाहिए। लेकिन आप की ये दलील चुनाव आयोग के सामने टिक नहीं सकी और आयोग ने इस याचिका को खारिज कर दिया।

दरअसल 8 सितंबर 2016 को दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द कर दी थी। इन्हें मार्च 2015 में सीएम अरविंद केजरीवाल ने संसदीय सचिव बनाया था। इस नियुक्ति पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे और इस नियुक्ति को लाभ का पद बताया था। प्रशांत पटेल नाम के सामाजिक कार्यकर्ता ने राष्ट्रपति के पास इस मामले में याचिका दी थी। जिसमें कहा गया था कि केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के 21 विधायक संसदीय सचिव बनाए गए हैं, जो कि लाभ का पद है। इसलिए इनकी सदस्यता रद्द की जाए। जिसके बाद इस शिकायत को चुनाव आयोग के पास भेजी गई। जिसके बाद आयोग में इसपर सुनवाई शुरु हुई।

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