अब सरोगेसी के जरिये सिंगल पैरंट बनना हो जाएगा मुश्किल!




नई दिल्ली: सरोगेसी की मदद से सिंगल पैरंट बनने पर रोक लगाई जा सकती है। संसद में इससे जुड़े बिल को मंजूरी मिलने का इंतजार है। हाल के दिनों में तुषार कपूर और करण जौहर सरोगेसी के जरिये ही सिंगल पैरंट बने हैं। कैबिनेट ने अगस्त 2016 में इस बिल को मंजूरी दे दी थी। इस वक्त बिल संसदीय कमिटी के पास है। जहां इसपर चर्चा की जा रही है। माना जा रहा है इसमे कुछ बदलाव हो सकते हैं।

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सरोगेसी बिल 2016 के जरिये व्यावसायिक सरोगेसी के साथ साथ होमोसेक्शुअल कपल, लिव इन रिलेशनशिप में रहनेवाले लोग और सिंगल व्यक्ति भी पैरंट बनने के लिए सरोगेसी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। बिल के मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक वो हेट्रोसेक्शुअल कपल जिनकी शादी के पांच साल बीत चुके हैं और बच्चा पैदा करने में उनके साथ कोई मेडिकल दिक्कत है, इसका उनके पास सबूत है तो केवल उसी तरह के दंपत्ति सरोगेसी का इस्तेमाल कर सकेंगे।

बिल में ये प्रावधान भी है कि अगर दंपत्ति को पहले से एक बच्चा है और दूसरा बच्चा ना होने में उनके साथ कोई मेडिकल कारण है तो ऐसे दंपत्ति भी सरोगेसी के जरिये पैरेंट नहीं बन सकेंगे। साथ ही एक महिला केवल एक ही बार सरोगेट की भूमिका निभा पाएंगी। इसके लिए उम्र भी तय किया जाएगा। बिल के मुताबिक सरोगेट की भूमिका निभाने वाली महिला की उम्र 25 से 35 साल होनी चाहिए।

विदेशी नागरिक,एनआरआई, होमोसेक्शुअल, सिंगल पैरेंट और लिव इन रिलेशन में रहनेवाले सरोगेसी पैरेंट नहीं बन सकेंगे। केवल भारतीय है सरोगेसी की मदद से पैरंट बन सकते हैं।

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