हरियाणा में जाट आंदोलन में ड्यूटी में लापरवाही के लिए 3 SDM सस्पेंड

हरियाणा में जाट आंदोलन में ड्यूटी में लापरवाही के लिए 3 SDM सस्पेंड

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन में हुए हिंसा को रोकने में लापरवाही दिखाने वाले 3 एसडीएम को सस्पेंड कर दिया गया है। इन अफसरों पर हिंसा रोकने में लापरवाही बरतने का आरोप है। हरियाणा सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा रोकने में अफसरों की भूमिका की जांच के लिए प्रकाश सिंह कमेटी बनाई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में 90 अफसरों को ड्यूटी में लापरवारी का दोषी माना है। इस मामले में आज पहली कार्रवाई की गई है। जिन तीन एसडीएम को सस्पेंड किया गया है जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जझ्झर, हांसी और गोहाना में उनकी पोस्टिंग थी।

हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। लेकिन आरक्षण की मांग करते करते आंदोलन हिंसक हो गया। जिसका बाद हरियाणा के कई शहरों में आगजनी और लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। तीन दिन में ही हरियाणा के कई शहर उजाड़ हो गए थे। देखते देखते आरक्षण की मांग के शुरु हुआ आंदोलन लुटेरों की फौज में तब्दील हो गया। दिन के उजाले में ही सैकड़ों दुकानों को लूटकर आग के हवाले कर दिया गया। सरकार ने हालात पर काबू करने के लिए सेना भी बुलाई थी। लेकिन उनकी कहीं भी तैनाती नहीं की गई। कई जगह से सामने आए सीसीटीवी फुटेज में सेना और स्थानीय प्रशासन केवल मूक दर्शक बना दिखाई दिया। आखिरकार किसी तरह से लूट की वारदात बंद हुई और हालात सामान्य हुए।

हरियाणा सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई लूट, हिंसा और आगजनी के बीच प्रशासन की भूमिका की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही तीन एसडीएम को सस्पेंड किया गया। कमेटी ने 90 अफसरों को दोषी पाया है। लेकिन उनके नाम को पूरी तरह से गुप्त रखा गया है। लेकिन जिस तरह से सरकार ने कार्रवाई की है उसने ये संकेत दे दिये हैं कि आनेवाले दिनों में कई और लापरवाह अफसर नपेंगे।

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