200 CISF जवानों ने खराब व्यवस्था की शिकायत पर हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल की

नई दिल्ली: हाल के दिनों में अर्धसैनिक बलों में उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं। लेकिन अबतक जो भी मामले सामने आए हैं वो किसी एक जवान की तरफ से आरोप लगाए जाते रहे हैं। लेकिन इसबार CISF के 200 जवानों ने उत्पीड़न के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। ये सभी CISF के जवान बेंगलुरू के केम्पे गोडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा में तैनात हैं। इन्होंने उत्पीड़न की शिकायत पर कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दी है।

बेंगलुरु के केम्पे गोडा एयरपोर्ट पर तैनात CISF जवानों ने कहा खाने का स्टैंडर्ड बेहद खराब है। हमें लगातार बिना ब्रेक के कई घंटे काम करना पड़ता है। रहने के लिए घर नहीं दिया जाता और ट्रांसपोर्ट लाउंस भी नहीं दिया जाता। सीनियर की तरफ से भी गलत बर्ताव किया जाता है। कई बार बिना किसी ठोस वजह के सैलरी काट ली जाती है।

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हाल के दिनों में बीएसएफ जवान तेज बहादुर का मामला काफी चर्चा में रहा था। जिसमें उसने खराब खाने की शिकायत की थी। अपनी शिकायत का वीडियो उसने सोशल साइट पर अपलोड किया था। जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया था। उस एक मामले के बाद इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन साल में 344 अर्ध सैनिक बलों के जवानों ने खुदकुशी की है। इनमें से इस साल के शुरुआती तीन महीनों में ही 15 जवानों ने खुदकिशी की है। खुदकुशी करनेवाले जवानों में से 15 फीसदी जवान CISF के थे। इसके अलावे 25 मामलों में जवानों ने अपने ही सहकर्मियों पर या तो फायरिंग की या फिर उसकी हत्या कर दी। इनमें से 13 जवान CISF के ही थे।

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