ABU SALEM

1993 के मुंबई ब्लास्ट में अबु सलेम को उम्र कैद की सजा, ताहिर मर्चेंट को फांसी

1993 के मुंबई ब्लास्ट में अबु सलेम को उम्र कैद की सजा, ताहिर मर्चेंट को फांसी

मुंबई: 1993 के मुंबई बम धमाके में मुंबई के टाडा कोर्ट ने सजा सुना दी है। कोर्ट ने अबुल सलेम को 2 मामलों में उम्र कैद और दो मामलों में 25-25 साल की सजा सुनाई गई है। लेकिन सलेम की सारी सजा एक साथ चलेगी। यानि सलेम को 25 साल कैद की सजा सुनाई गई है। जबकि ताहिर मर्चेंट को फांसी की सजा सुनाई है। जबकि करीमुल्ला को 25 साल की सजा सुनाई है। रियास सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई है। फिरोज खान को भी फांसी की सजा सुनाई है।

टाडा कोर्ट ने अबु सलेम को साजिश रचने और पाकिस्तान से बरूच हथियार लाने में दोषी पाया था। सलेम ने ही संजय दत्त को ही तीन AK 56 राइफल दिये थे। संजय दत्त ने उनमें से दो AK 56 वापस कर दिये थे। जबकि एक AK 56 और एक पिस्टल अपने पास रख लिये थे। इस मामले में संजय दत्त सजा काट चुके हैं। कोर्ट ने मुस्तफा डोसा को भी दोषी करार दिया था। डोसा पर मुंबई धमाके की साजिश रचने और दुबई में होने वाली बैठक में शामिल होने का आरोप है। डोसा ही भारी मात्रा में आरडीएक्स की सप्लाई की थी।

पिछली सुनवाई में मुंबई सीरियल ब्लास्ट में टाडा अदालत ने अबू सलेम, मुस्तफा डोसा, रियाज सिद्दीकी, करीमुल्ला खान, फिरोज अब्दुल रशीद, ताहिर मर्चेंट और अब्दुल कैयूम पर फैसला सुनाया था। जिनमें से अब्दुल कयूम को बरी कर दिया गया था। और बाकी 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया था। जिसमें से मुस्तफा डोसा की दोषी करार दिये जाने के बाद जेल में ही मौत हो गई।

12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए 13 सीरियल धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी। और 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। मुंबई धमाके के 27 साल बाद आया है। इससे पहले मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने 2007 में 100 अभियुक्तों को सजा सुनाई थी जिसमें याकूब मेमन को फांसी की सजा मिली थी। लेकिन अबू सलेम, मुस्तफा डोसा समेत 7 आरोपियों पर लग से केस चल रहा था।

इन अभियुक्तों का मुकदमा अलग से चलाने के पीछे की वजह पर वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने कहा जब पुराना ट्रायल खत्म होने लगा था उसी दौरान अबू सलेम, मुस्तफा डोसा समेत 7 आरोपी को विदेश से लाया गया। अगर उनका ट्रायल भी उसी ट्रायल में चलाया जाता तो 20-25 साल और लग जाते। इसलिए हमने फैसला किया था कि जिन अभियुक्तों को बाद में लाया गया था उनका अलग से ट्रायल चलाया जाए।

मुस्तफा डोसा को 2004 में गिरफ्तार किया गया, अबू सलेम को 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया। बाकी के पांच आरोपी को दुबई से भारत लाया गया था।

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