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लद्दाख में 100 भारतीय टैंकों की तैनाती से चीन की उड़ी नींद

लद्दाख में 100 भारतीय टैंकों की तैनाती से चीन की उड़ी नींद

लद्दाख में भारत ने 100 टैंकों की तैनाती की है। ये तैनाती अपनी रक्षा पंक्ति को मजबूत करने के लिए भारत की तरफ से की गई है। लेकिन इन 100 टैंकों की तैनाती से चीन की परेशानी बढ़ गई है। भारत के इस फैसले से चीन खुश नहीं है। चीन के सरकारी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ‘भारत की तरफ से इस तरह से टैंकों की तैनाती का असर दोनों देशों के बीच निवेश पर पड़ेगा। भारत को चीन से निवेश की जरुरत है। अगर भारत इस तरह से सीमा पर टैंकों की तैनाती करता है तो इससे चीनी निवेशकों में गलत संदेश जाएगा।‘ इस वक्त भारत-चीन के बीच निवेश 87 करोड़ डॉलर तक पहुंच चुका है।

चीन की इस आपत्ति के बाद भारत ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत की तरफ से कहा गया है कि ‘लद्दाख में कहां क्या करना है इसका फैसला चीन से पूछकर नहीं किया जाएगा। भारत को कहां अपनी सुरक्षा किस तरह से करनी है और कहां सुरक्षाबलों की तैनाती करनी है ये भारत का आंतरिक मामला है।‘
लद्दाख में जिन 100 टैंकों की तैनाती की गई 1962 के जंग में भी उन्हीं टैंकों का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन जंग खत्म होने के बाद टैंकों को वापस कर लिया गया था। उसके बाद भारत सरकार की तरफ से एक फैसला भी लिया गया था। जिसमें ये तय किया गया था कि लद्दाख जैसे सीमावर्ती इलाकों में भारत सड़क या फिर किसी तरह का निर्माण का काम नहीं कराएगा। जबकि इसके उलट चीन लगातार इन इलाकों में निर्माण का काम करता रहा। चीन की तरफ से इस इलाके में सड़कें बनाई गई हैं। जिसके जरिये वो व्यापार करने की तैयारी में है। वहीं उसने सैनिक भी भारत से ज्यादा तैनात कर रखे हैं। यानि कहा जाए इन इलाकों में चीन की तैयारी भारत काफी आगे है। लेकिन अब भारत की तरफ से भी लद्दाख जैसे इलाकों के लिए नई रणनीति अपनाई जा रही है। इन इलाकों में भारत के पीछे होने की वजह ये है कि हमने तैयारी देरी से शुरु की।

लद्दाख में जिस इलाके में टैंकों की तैनाती की गई है वो काफी दुर्गम इलाका माना जाता है। यह इलाका समुद्र से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर है। यहां तापमान -45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस इलाके में टैंकों के रखरखाव पर भी काफी खर्च होता है। इतने कम तापमान पर टैंकों को चलाने के लिए अलग तरीके के डीजल का इस्तेमाल होता है। टैंक पूरी तरह से ठंडा न हो जाए इसके रात के वक्त दो बार उसके इंजन को चालू किया जाता है।

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