कश्मीर में 10 हजार SPO की होगी भर्ती होगी, हालात बिगाड़नेवालों की करें पहचान – राजनाथ

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर दौरे के दूसरे दिन गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की मुलाकात हुई। दोनों ने मुलाकात के बाद साझा प्रेस कांफ्रेंस किया। जिसमें राज्य की सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि छोटे बच्चों को बरगलाया गया। आम लोग सड़कों पर पत्थर नहीं मारना चाहते। उपद्रवी बच्चों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर उनसे पत्थर मरवा रहे हैं। कश्मीर के 95 फीसदी लोग शांति से समस्या का समाधान चाहते हैं। केवल पांच फीसदी हैं जो हालात को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दो दिनों में 20 प्रतिनिधिमंडल से बात हुई। राज्य के सभी राजनीतिक दलों से बात हुई। कश्मीर के हालात से बेहद दुखी हूं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में सभी अमन चाहते हैं। लेकिन युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर भेजा जाएगा। पेलेट गन पर उन्होंने कहा कि इसका विकल्प ढूंढा जा रहा है। जल्द ही इसपर कमेटी की रिपोर्ट आ जाएगी। और पैलेट गन का विकल्प जल्द सामने आ जाएगा। कश्मीर में जारी हिंसा में 4500 के करीब सुरक्षा जवान भी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा ये वही सुरक्षा जवान हैं जिन्होंने बाढ़ आने पर अपनी जान जोखिम में डालकर कश्मीर के लोगों की हर तरह से मदद की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भी कश्मीर के ताजा हालात से काफी चिंतित हैं। वो अक्सर कश्मीर की समस्या पर बात करते रहते हैं। कश्मीरी युवकों को रोजगार के लिए उन्होंने कहा कि बहुत जल्द 10 हजार SPO की बाहली की जाएगी। उन्होंने कहा कश्मीर के लोगों के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। देशभर में कहीं भी रहने वाले कश्मीरी उस नोडल अधिकारी से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए जल्द ही एक नंबर भी जारी किया जाएगा। उस नंबर पर फोन कर वो अपनी परेशानी बता सकते हैं। और जल्द ही उन्हें मदद पहुंचाई जाएगी।

कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से ही हालात बिगड़े हुए हैं। कई जिलों में 48 दिनों से कर्फ्यू जारी है। हालात को जल्द सामान्य बनाने के लिए हर तरफ से कोशिश की जा रही है। अबतक ये तो साफ हो चुका है कि कश्मीर में जारी अशांति के पीछे सीमापार से हो रही साजिश जिम्मेवार है। इस अशांती के लिए विदेशों से उनतक पैसे भी पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार अब फंडिंग के उस सोर्स का पता लगा रही है।

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