26 जनवरी को ही संविधान लागू क्यों हुआ? गणतंत्र दिवस की 10 महत्वपूर्ण बातें

26 जनवरी को ही संविधान लागू क्यों हुआ? गणतंत्र दिवस की 10 महत्वपूर्ण बातें

नई दिल्ली:  देश 69वें गणतंत्र दिवस की तैयारी में जुटा है। इस मौके पर राजपथ पर हर देशवासी की नजर होती है। जहां देश की शक्ति से लेकर संस्कृति का अनूठा संगम दिखाई देता है। अलग अलग राज्यों की झाकियां जहां लोगों का मन मोह लेती हैं वहीं जल, थल और वायु सेना की झाकियों में देश की सैनिक शक्ति का प्रदर्शन होता है।

1947 जब देश आजाद हुआ तो उसके बाद देश में एक संवैधानिक सरकार भी बनी। अब बारी थी देश की जनता को लोकतांत्रिक शक्तियों, मूल्यों और आदर्शों के बारे बताया जाए। इसके लिए जरूरी था कि देश में एक लिखित संविधान हो। इसके लिए संविधान सभा का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर कर रहे थे। भीम राव अंबेडकर के नेतृत्व में देश का संविधान तैयार किया गया। जिसे लिखने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे।

26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ। उसके बाद से ही हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा की शुरुआत हुई। इसबार देश 69वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। जिसके लिए देशवासियों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है।

गणतंत्र दिवस के बारे 10 महत्वपूर्ण बातें जानिये

भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर लागू किया गया था

पहली बार दिल्ली के राजपथ पर 1955 में परेड की शुरुआत हुई

भारतीय संविधान की दो प्रतियां तैयार की गई थी, जिसे हाथ से लिखा गया था।

हर भारतीय के मन में ये सवाल जरुर उठता है कि संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन ही क्यों तय किया गया। दरअसल 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया था। उसी को ध्यान में रखकर भारत का संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया।

संसद भवन के पुस्तकालय में आज भी हाथ लिखी संविधान की मूल प्रति सुरक्षित है।

भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 26 जनवरी 1950 को गवर्मेंट हाऊस में शपथ ली थी।

गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

इसबार का गणतंत्र दिवस बेहद ही खास है। क्योंकि इसबार आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया है।

गणतंत्र दिवस के बाद 29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट का आयोजन किया जाता है। जिसमें जल, थल और वायु सेना के बैंड हिस्सा लेते हैं। इस दिन को गणतंत्र दिवस के समापन के तौर पर मनाया जाता है।

राजपथ पर होनेवाले परेड में अलग अलग राज्यों कि झाकियां शामिल होती हैं। कई मंत्रालय और इसरो की झाकियां भी शामिल होती हैं। हर प्रदर्शनी में भारत की संस्कृति और विविधता का प्रदर्शन होता है।

Loading...