‘हार्ट ऑफ एशिया’ सम्मेलन में दोहरे मार से तिलमिलाया पाकिस्तान

‘हार्ट ऑफ एशिया’ सम्मेलन में दोहरे मार से तिलमिलाया पाकिस्तान

अमृतसर:  हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में पाकिस्तान का जिक्र तो हुआ लेकिन आतंकवाद से जोड़कर। पीएम नरेंद्र मोदी ने जहां पाकिस्तान का नाम लिये बगैर आतंकवाद को पनाह देने के लिए उसकी बखिया उधेड़ दी वहीं अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भी आतंकवाद पर पाकिस्तान को खरी खोटी सुना दी।

गनी ने अपने संबोधन के शुरुआत में कहा इस ऐतिहासिक और खूबसूरत शहर अमृतसर में सम्मेलन का आयोजन करने के लिए मैं भारत के लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं। यह वह शहर है जो मध्य एशिया, रुस और दुनिया के बाकी हिस्सों से भारत को जोड़ता था।

वहीं आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरते हुए गनी ने कहा पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विकास के लिए 500 मिलियन डॉलर देने की घोषणा की। श्रीमान सरताज अजीज यह रकम आतंकवाद से निपटने में अच्छी तरह खर्च हो सकती है। क्योंकि बिना शांति के कोई विकास नहीं हो पाएगा। हमें सरहद पार से होनेवाले आतंकवाद को पहचानना और समझना होगा और साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ने के लिए फंड बनाना होगा। गनी के भाषण में जहां भारत का जिक्र सकारात्मक मुद्दों को लेकर था वहीं पाकिस्तान का जिक्र आतंकवाद से जुड़े मसलों तक सीमित रहा।

पाकिस्तान का जिक्र करते हुए गनी ने कहा पाकिस्तानी सेना द्वारा जमीन पर सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने से उनमें से कई आतंकवादी नेटवर्क अफगानिस्तान की सीमा में घुस आए हैं। ये आतंकी नेटवर्क हमारे लिए खतरा हैं। राष्ट्रपति गनी ने आगे कहा तालिबान मूवमेंट से जुड़े एक प्रमुख शख्स काकाजादा ने हाल ही में कहा कि अगर उनके पास पाकिस्तान में एक सुरक्षित ठिकाना नहीं होता तो वो एक महीने भी नहीं टिक पाते।

गनी ने आगे कहा हम आरोप नहीं लगाना चाहते लेकिन हम खासतौर पर अपने पड़ोसी पाकिस्तान से यह कहना चाहते हैं कि वो जांच करे कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए होता है या नहीं।

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