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साउथ चाइना सी पर चीन बढ़ा रहा है अपनी ताकत, अमेरिका के लिए चुनौती

साउथ चाइना सी पर चीन बढ़ा रहा है अपनी ताकत, अमेरिका के लिए चुनौती

वाशिंगटन: इंटरनेशनल ट्राइब्यूनल से चीन के खिलाफ फैसला आने के बाद भी चीन उसे मानने को तैयार नहीं है। इंटरनेशनल ट्राइब्यूनल ने साउथ चाइना सी पर चीन की दावेदारी खारिज कर दी थी। लेकिन इसके बावजूद चीन अपना अधिकार जता रहा है। हाल ही में सेटेलाइट से मिली तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि साउथ चाइना सी के स्प्रेटली द्वीपों पर चीन अपने एयरक्राफ्ट की ताकत बढ़ा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने ये खबर प्रकाशित की है।

जुलाई के आखिर में इस जगह की जो तस्वीर ली गई थी उसमे वहां कोई मिलिट्री एयरक्राफ्ट नहीं था। लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक वहां एयरक्राफ्ट हाउसिंग है। जो चीनी एयरफोर्स के लिए हमेशा तैयार है। चीन ने फाइअरी क्रॉस, सुबी और मिसचीफ रीफ्स पर एयरक्राफ्ट हाउसिंग का निर्माण किया है। ये सभी स्प्रैटली द्वीप का हिस्सा हैं। दरअसल चीन साउथ चाइना सी के ज्यादातर हिस्सों पर अपना दावा करता है। साउथ चाइना सी के रास्ते हर साल 5 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार जहाज के द्वारा होता है। साउथ चाइना सी पर चीन के अलावे फिलीपीन्स, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रूनेई भी दावा करता है। चीन का इन्हीं देशों के साथ विवाद चल रहा है।

हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट इस मामले में चीन के खिलाफ फैसला सुना चुका है। दूसरी तरफ साउथ चाइना सी प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है यही वजह है कि चीन इस जगह पर अपनी दावेदारी पेश करता रहा है। चीन का तर्क है कि उसकी संप्रभूता से जुड़े मामले में कोई दखल नहीं दे सकता। दूसरी तरफ अमेरिका ये चाहता है कि साउथ चाइना सी का सैन्यीकरण नहीं किया जाए। जबकि चीन इस इलाके में अमेरिकी पेट्रोलिंग के विरोध में है। चीन का मानना है कि अमेरिका की तरफ से ऐसा करने से इलाके में तनाव बढ़ा है।

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