सलिब्रिटी से कम नहीं है ये महिला कांस्टेबल, FB पर 720536 लोग करते हैं फॉलो

नई दिल्ली:  इनका नाम Smita Tandi है। इनके काम के बारे में जानना चाहेंगे। तो इनका परिचय ये है कि ये छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल हैं। लेकिन Facebook पर ये बड़े बड़े नामवालों को पीछे छोड़ चुकी हैं। जानते हैं क्यों। क्योंकि Facebook पर स्मिता को फॉलो करनवालों की संख्या 720536 है। ये उनलोगों में शामिल हैं जिन्हें सोशल मीडिया पर इतने लोग जानते हैं।

महज 20 महीने में Smita Tandi के फॉलोअर्स की संख्या 7 लाख 20 हजार से ऊपर पहुंच चुकी है। 2011 में Smita छत्तीसगढ़ पुलिस में नियुक्त हुईं। उनका कहना है कि उन्होंने फेसबुक पर अपने फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने के लिए एक भी पैसा खर्च नहीं किया है। Facebook के जरिये Smita जरुरतमंद लोगों की कहानी सामने लाती हैं और उन्हें मदद मुहैया करवाती हैं।

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2014 में Smita Tandi ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर गरीबों की मदद के लिए एक ग्रुप बनाया। इस ग्रुप के जरिये लोगों की मदद के लिए पैसे जमा करना शुरु किया। जिन लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं होती थी स्मिता ने उन्हें उसके बारे में जानकारी देना शुरु किया। अपनी इसी मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए स्मिता ने फेसबुक का सहारा लिया। मार्च 2015 में Smita ने अपना Facebook अकाउंट बनाया।

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फेसबुक पर लोगों के लिए आर्थिक सहायता की मांग करनेवालों की कमी नहीं है। इनमें से कई फर्जी भी हैं। फिर स्मिता की बातों पर लोगों ने यकीन क्यों किया। तो इसका जवाब ये है कि उन्हें जब भी पता चलता है कि भिलाई, रायपुर या उसके आसपास के इलाके में किसी को इलाज की जरुरत है तो वह वक्त निकालकर खुद उनके सामने जाती हैं। फिर उनके बारे में पूरा वेरीफिकेशन करती हैं। जब हर तरफ से स्मिता संतुष्ट हो जाती हैं तब फेसबुक पर उस परिवार के लिए आर्थिक मदद की अपील करती हैं।

अबतक अस्पताल के बिल भरने में स्मिता 25 गरीब लोगों की मदद कर चुकी है। फेसबुक पर उनके जरिये मदद पानेवालों की संख्या सैकड़ों में है। स्मिता ने अबतक जिन जिन लोगों की मदद की है उन सभी की कहानी फेसबुक पर पढ़ी जा सकती हैं। स्मिता के इस स्वभाव के बारे में उनके सीनियर अधिकारियों को भी जानकारी है। इसलिए उन्हें भिलाई में हेल्पलाइन के सोशल मीडिया सेल में रखा गया है।

दुर्ग में वो अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहती है। स्मिता के आचरण को देखकर इस बात का अंजादा लगा पाना मुश्किल है कि उसने महज 24 साल की उम्र में वो मुकाम हासिल कर लिया है जिसके लिए लोग जिंदगी भर तरसते हैं। Smita Tandi खुद एक गरीब परिवार से आती हैं। जब वो पुलिस की ट्रेनिंग ले रही थीं तब उनके पिता काफी बीमार पड़े। वक्त पर सही इलाज नहीं मिलने और पैसों की कमी की वजह से उनकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद स्मिता ने जरुरतमंद लोगों की मदद करने का फैसला लिया।

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