#सपा संग्राम: रामगोपाल ने सपा कार्यकर्ताओं को लिखी चिट्ठी ‘जहां अखिलेश-वहां विजय’

लखनऊ:  मुलायम के परिवार में लड़ाई अबतक घर के भीतर हुआ करती थी। लेकिन अब घर के भीतर की लड़ाई सार्वजनिक हो चुकी है। मुलायम परिवार के सदस्य दो खेमे में बंट चुके हैं। आपसी मतभेद जब दो गुट में बंट गई तो कोशिश कार्यकर्ताओं को अपने अपने साथ लाने की हो रही है। इसी कोशिश के लिए बैठक और चिट्टी का सिलसिला भी चल रहा है।

समाजवादी पार्टी से राज्य सभा सांसद और मुलायम के भाई रामगोपाल यादव ने एक चिट्ठी लिखी है। जिसमें कार्यकर्ताओं से अखिलेश के समर्थन में एकजुट होने को कहा गया है। उन्होंने लिखा है कि सुलह को जो कोशिश की जा रही है दरअसल इस कोसिश की आड़ में अखिलेश की यात्रा रोकने की साजिश है। अखिलेश विरोधी विधानसभा नहीं पहुंच पाएंगे। मध्यस्थता करनेवाले दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जीत वहीं है जहां अखिलेश हैं।

 

ramgopal

 

रामगोपाल यादव ने अपनी चिट्टी में लिखा है कि

प्रिय साथियों

हम चाहते हैं मुख्यमंत्री अखिलेश के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार बने।

वे चाहते हैं हर हालत में अखिलेश यादव हारें।

हमारी सोच पॉजिटिव है। उनका निगेटिव। माननीय मुख्यमंत्री के साथ वे लोग हैं जिन्होंने पार्टी के लिए खून बहाया, अपमान सहा। उधर वे लोग हैं जिन्होंने हजारों करोड़ रुपया कमाया, व्यभिचार किया और सत्ता का दुरोपयोग किया। जनता को भ्रमित करने के लिए कुछ लोग मध्यस्थता करते हैं, बयानबाजी करते हैं।

बहकावे में आने की जरुरत नहीं है। रथयात्रा विरोधियों के गले की फांस है। इस फांस को और शार्प करना है। अखिलेश का विरोध करने वाले विधानसभा का मुंह नहीं देख पाएंगे। न डरें, न विचलित हों, जहां अखिलेशवहां विजय

भवदीय

रामगोपाल यादव

रामगोपाल यादव ने इससे पहले सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को भी चिट्ठी लिखी थी। जिसमें कहा गया था कि अखिलेश को सीएम के चेहरे के तौर पर आगे नहीं करना उन्हें कमजोर करना है। ऐसा करना पार्टी के लिए बड़ा नुकसानदायक साबित हो सकता है। इस समय अखिलेश को आपके मजबूत साथ की जरुरत है। अखिलेश को सीएम के तौर पर आगे नहीं करने से कार्यकर्ताओं और पार्टी कैडर में कंफ्यूजन फैलेगा जो हक में नहीं होगा।

अखिलेश की नाराजगी को लेकर शनिवार को मुलायम सिंह यादव ने सपा के बड़े नेताओं के साथ बैठक की थी। तकरीबन डेढ़ घंटे तक चली बैठक के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। जिसके बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव आज कल बेटे से ज्यादा अमर सिंह पर भरोसा कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा जबतक उनके उठाए गए मसलों को हल नहीं किया जाता तबतक वो झुकने को तैयार नहीं हैं। अखिलेश यादव की तरफ से अबतक ये भरोसा भी नहीं दिया गया है कि 5 नवंबर को पार्टी की रजत जयंती समारोह में वो शामिल होंगे।

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