शांतिदूत की कोशिश से कश्मीर में सुधरेंगे हालात?

श्रीनगर:  बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद कश्मीर के बिगड़े हालात और जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए दिल्ली से सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल श्रीनगर पहुंचा। इस दल की अगुवाई गृह मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। इसमें 20 राजनीतिक दलों के 28 सासंद शामिल हैं। ये प्रतिनिधिमंडल कश्मीर में सभी दलों से मिलेगा और हालात कैसे सुधारा जाए इसपर चर्चा करेगा।

जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने अलगाव वादियों को भी बैठक में बुलाया था। लेकिन अलगाववादियों ने उसे ठुकरा दिया। जिसके बाद सीताराम येचुरी, डी.राजा, ओवैसी और शरद यादव गिलानी से मिलने पहुंचे। यासीन मलिक से तो प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात हो गई लेकिन मीरवाइज और गिलानी के दरवाजे से सीताराम येचुरी, शरद यादव और डी राजा बैरंग वापस लौटा दिये गए। गिलानी के समर्थकों ने वहां नारेबाजी भी की। इससे काफी हद तक ये इशारा भी हो गया कि अलगाववादी कश्मीर में शांति के पक्ष में नहीं हैं।

उधर कश्मीर में प्रदर्शनकारियों ने रविवार को भी जगह –जगह प्रदर्शन किया। शोपियां में प्रदर्शनकारियों ने मिनी सचिवालय में आग लगा दी। जिसके बाद सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुआ। जिसमें 100 लोग घायल हो गए।

कश्मीर में 58 दिनों से कर्फ्यू जारी है। 51वें दिन चार थानाक्षेत्रों को छोड़कर बाकी जगहों से कर्फ्यू हटा लिया गया था। लेकिन उसके दूसरे ही दिन जगह जगह प्रदर्शन शुरु हो गए। जिसके बाद दोबारा कर्फ्यू लगाना पड़ा।

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