वो दो चमत्कार जिसने मदर टेरेसा को संत टेरेसा बना दिया

दिल्ली:  वेटिकन सिटी में पूरे सम्मान के साथ पोप फ्रांसिस ने मदर टेरेसा को संत की उपाधी से सम्मानित किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैसे मदर टेरेसा संत टेरेसा बन गई। इसके पीछे मुख्य रुप से वो दो चमत्कार हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि इसी वजह से उन्हें संत की उपाधी दी गई।

पश्चिम बंगाल की मोनिका बेसरा मदर टेरेसा की उसी चमत्कार का नाम है। मोनिका बेसरा मदर टेरेसा को अपने जीवन का रक्षक मानती हैं। मोनिका बेसरा ने एक अखबार को दिये इंटर्व्यू में कहा है कि 18 साल पहले 1998 में वो गर्भाशय के कैंसर से पीड़ित थीं। डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था। उम्मीद केवल भगवान पर था।

जब हर तरफ से मोनिका निराश हो गई और ये सोचने लगी की अब उसकी जिंदगी के कुछ ही दिन शेष रह गए हैं तब उसने मदर टेरेसा की तस्वीर की पूजा शुरु की। बेसरा का दावा है कि मदर टेरेसा की तस्वीर की पूजा शुरु करने के बाद से ही उसकी सेहत में सुधार भी आने लगा और धीरे धीरे वो पूरी तरह से ठीक हो गई। अब बेसरा अपने भरे पूरे परिवार के साथ खुशी खुशी रहती हैं।

बेसरा ने अखबार से कहा मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं। जब मेरा इलाज चल रहा था तब मेरे परिवार ने 6 बीघा जमीन गिरवी रख दिया। अब उसमें से 4 बीघा छुड़ा ली गई है। मिशनरी में उनके बेटों की पढ़ाई में भी मदद की। चैरिटी ने इस परिवार को एक पक्का घर भी दिया है।

वेटिकन मोनिका बेसरा के ठीक होने को चमत्कार मानता है लेकिन कुछ डॉक्टरों की राय इससे उलट है। वो मानते हैं कि मेडिकल ट्रीटमेंट से मोनिका ठीक हुई। डॉक्टरों ने कहा उन्हें ट्यूमर नहीं बल्कि सिस्ट था। जो काफी दिनों तक इलाज चलने की वजह से ठीक हो गया।

मदर टेरेसा के दूसरे चमत्कार का संबंध विदेश से है। ब्राजील में 2008 में मार्सिलियो वायरल इंफेक्शन की वजह से कोमा में चले गए। मोनिका बेसरा की ही तरह से जब मार्सिलियो की उम्मीद भी हर तरफ से खत्म हो गई तब उसकी पत्नी कैथोलिक पादरी की शरण में गई। पादरी ने उसे टेरेसा से प्रार्थना करने को कहा। मार्सिलियो की पत्नी फर्नान्डा के मुताबिक प्रार्थना शुरु करने के कुछ दिनों बाद से मार्सिलियो की हालत में सुधार की शुरुआत हो गई। मार्सिलियो का मानना है कि अगर उनकी बीमारी ठीक हुई तो मदर टेरेसा की कृपा की वजह से ही ठीक हुई।

Loading...

Leave a Reply