मुलायम से मिले प्रशांत किशोर, कांग्रेस-सपा के बीच गठबंधन की तैयारी?

मुलायम से मिले प्रशांत किशोर, कांग्रेस-सपा के बीच गठबंधन की तैयारी?

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश की सियासत एक नई दिशा की तरफ बढ़ रही है। जिसमें एक नया सियासी समीकरण बनता हुआ दिखाई दे रहा है। अब से पहले तक ये बात कही जा रही थी कि कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन अब ये कयास पुराने हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक नया अनुमान ये है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के विचार ने जन्म लिया है।

यूपी चुनाव में कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर का समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से मुलाकात यही संकेत दे रहा है। मंगलवार को इन दोनों की मुलाकात हुई। मुलाकात में क्या बात हुई आधिकारिक तौर पर तो इसपर कोई बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि बीएसपी और बीजेपी का मुकाबला करने के लिए दोनों पार्टियां गठबंधन का मन बना रही है।

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हाल ही में यूपी में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह से मुलाकात की थी। वैसे इस मुलाकात से पहले ही शिवपाल ये कह चुके थे कि यूपी में लोहियावादी और चौधरी चरण सिंह वादी को एक साथ हो जाना चाहिए। उसके बाद शिवपाल और अजीत सिंह की मुलाकात यानि यहां भी एक गठबंधन का अंकुरण है।

इस तरह की मुलाकात और इस तरह के बयान ये बताने के लिए काफी हैं कि जो सियासी समीकरण यूपी में आज से दो महीने पहले दिखाई दे रहा था अब उसमें बदलाव हो चुका है। क्योंकि सभी पार्टियां अबतक खुद का आकलन कर चुकी हैं। कांग्रेस को भी ये एहसास हो चुका है कि वो कोई बड़ा चमत्कार करने नहीं जा रही है। समाजवादी पार्टी को हाल के दिनों में परिवार में ही हुए दंगल के बाद पता चल चुका है कि अपने दम पर ज्यादा बड़ा ख्वाब देखना एक बड़ी गलती होगी।

इसलिए गठबंधन वो संजीवनी साबित हो सकती है जिसके दम पर चुनाव में कुछ बेहतर किया जा सकता है। वैसे भी गृह क्लेश के बाद समाजवादी पार्टी को अपने मुस्लिम वोट बैंक की चिंता सता रही है। अल्पसंख्यकों का ये वोट बैंक खुद भी कंफ्यूज है कि वो मुलायम के लिए अपना समर्पण दिखाएं या बहन जी की तरफ नजर घुमाएं। इतना तय है कि अगर ये वोटबैंक बहन जी यानि बीएसपी की तरफ बढ़ा तो फिर मुलायम के लिए खुद को संभाल पाना मुश्किल होगा। क्योंकि दलित वोटबैंक पहले से बीएसपी के पास है। ऐसे में अगर अल्पसंख्यकों का झुकाव बीएसपी की तरफ हुआ तो फिर हाथी का वजन भी बढ़ेगा और ये बीएसपी के लिए बोनस का काम करेगा।

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