गोरखपुर में एक AIIMS लेकिन उसके कई दावेदार !

गोरखपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गोरखपुर में AIIMS का शिलान्यास किया। चुनावी साल में बीजेपी के लिए ये फायदे वाली बात है। पूर्वांचल में AIIMS का शिलान्यास कितना अहम है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके अलग अलग दावेदार अब सामने आने लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स के लिए गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ को श्रेय दिया तो यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने भी AIIMS के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी। अखिलेश ने कहा कि ‘राज्य सरकार ने AIIMS के लिए मुफ्त में जमीन दी है। सभी जानते हैं कि गोरखपुर में जमीन कितनी महंगी है और यह मिलना कितना मुश्किल है। ऐसे में जनता तय करे कि एम्स लाने में किसका योगदान है।‘

अभी तो AIIMS का शिलान्यास हुए एक ही दिन बीता है। जब निर्माण कार्य शुरु होगा और कुछ दिन और बीत जाएंगे तब यूपी का चुनाव भी करीब आ चुका होगा। उस हालात में इस AIIMS के कई और दावेदार सामने आ जाएं तो इसमें हैरानी नहीं होगी क्योंकि पूर्वांचल के लिए एम्स केवल एक अत्याधुनिक अस्पताल नहीं है लोगों की भावनाओं से भी जुड़ा है ये।

ऐसा इसलिए क्योंकि यहां पिछले दो दशक में 20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत इंसेफेलाइटिस से हो चुकी है। बच्चों की मौत का सिलसिला आज भी जारी है। खुद पीएम मोदी ने भी अपने भाषण में इंसेफेलाइटिस से होनेवाली मौत का जिक्र किया था। ऐसे में क्रेडिट के लिए दावेदारों का सामने आना वाजिब भी है।

ये एक सत्य है कि पूर्वांचल के लोगों को एक AIIMS की जरुरत थी। और राजनीतिक दलों को पूर्वांचल के लोगों की। क्योंकि इस इलाके को नजरअंदाज कर लखनऊ की गद्दी पर विराजमान होने के बारे में नहीं सोचा जा सकता। इसी सोच और इसी सत्य के वजह से समादवादी पार्टी ने बगैर देरी किए अपनी दावेदारी पेश कर दी। और बीजेपी तो दावेदार है ही। क्योंकि वहां सांसद भी बीजेपी के हैं और शिलान्यास करनेवाले मोदी भी बीजेपी के ही हैं।

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