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कर्नाटक के लिए अलग झंडे की मांग गृह मंत्रालय में खारिज

कर्नाटक के लिए अलग झंडे की मांग गृह मंत्रालय में खारिज

नई दिल्ली:  कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने राज्य के लिए अलग ध्वज की मांग करते हुए 9 सदस्यों की कमिटि का गठन किया है। कर्नाटक सरकार के इस मांग को गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि फ्लैग कोड के मुताबिक पूरे देश में केवल एक ही ध्वज हो सकता है। अभी देश में केवल जम्मू कश्मीर में अलग झंडा है। जम्मू कश्मीर में धारा 370 की वजह से राज्य में अलग झंडा दिया गया है।

सीएम सिद्धारमैया ने इस मामले में 9 लोगों की कमेटी बनाकर उन्हें झंडे का रंग, आकार डिजाइन तय करने की जिम्मेदारी भी सौंप चुके थे। लेकिन अब गृह मंत्रालय की तरफ से इस मांग को खारिज किये जाने के अब कर्नाटक सरकार को बड़ा झटका लगा है।

कर्नाटक में इससे पहले भी इस तरह की मांग 2012 में भी उठ चुकी थी। लेकिन तब बीजपी सरकार ने इस देश की एकता और अखंडता के खिलाफ बताया था। कर्नाटक में 2018 में विधानसभा चुनाव है। उससे पहले इस तरह की मांग उठाने के पीछे माना जा रहा है इस बहाने कांग्रेस कर्नाटक हित के मुद्दे को हवा देकर वोट हासिल करेगी।

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया हैं और वहां कांग्रेस की सरकार हैं। अगर सिद्धारमैया ऐस करने में कामयाब हो जाते तो कर्नाटक देश का दूसरा राज्य होता जिसके पास अपना अलग ध्वज होता। अबतक केवल जम्मू कश्मीर में ही राज्य का अलग ध्वज है। जम्मू कश्मीर को धारा 370 के तहत अलग ध्वज रखने का अधिकार है।

कर्नाटक विधानसभा में ये मुद्दा 2012 में आया था। उस वक्त कर्नाटक के संस्कृति मंत्री गोविंद एम करजोल ने फ्लैग कोड का जिक्र किया था। जिसमें उन्होंने कहा था किसी भी राज्य को अलग ध्वज रखने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा था ऐसा होने पर राष्ट्रीय ध्वज का मान कम होगा। सिद्धारमैया सरकार ने जब अलग ध्वज के लिए कमिटि की गठन किया है तो पूर्व सीएम और मौजूदा वक्त में भारत सरकार में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने इस फैसले को नकारते हुए कहा एक देश में दो झंडे नहीं हो सकते और भारत एक देश है।

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